Chhattisgarh: Investigation launched into turmeric seed distribution, subsidy payments stopped!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हल्दी बीज वितरण में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जांच शुरू कर दी है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देश पर संचालनालय स्तर पर जांच टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने तक संबंधित किसानों के अनुदान भुगतान की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।
46 हजार रुपये तक मिलता है अनुदान
राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश में 1,300 हेक्टेयर में हल्दी की खेती का लक्ष्य रखा गया है। योजना में प्रमाणित हल्दी बीज लगाने वाले पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 46 हजार रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है।
खेतों में पहुंचकर होगा सत्यापन
शिकायतों की जांच के लिए उद्यानिकी विभाग ने जिला अधिकारियों से हितग्राहियों की सूची, बीज की मात्रा, गुणवत्ता, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। खेतों में वास्तव में कितनी हल्दी लगाई गई है, इसकी पुष्टि के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा फसल की स्थिति और रोपित रकबे का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। किसानों के खेतों के जीपीएस आधारित फोटो भी मांगे गए हैं, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
विभाग के मुताबिक, सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अनुदान भुगतान को लेकर आगे का फैसला होगा। जांच में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित संस्था दोषी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच जारी है। अनियमितता की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
