Chhattisgarh | ₹9.41 crore deposited in the accounts of weavers and women before Diwali!
रायपुर। दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने बुनाई और सिलाई के काम से जुड़े हितग्राहियों को कुल 9 करोड़ 41 लाख रुपये का पारिश्रमिक सीधे उनके बैंक खातों में भेजा है। यह भुगतान RTGS के जरिए किया गया है।
ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्थानीय हुनर को रोजगार से जोड़ना और बुनकरों व महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बुनाई और गणवेश सिलाई के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
विभाग के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में प्रदेश के 26 जिलों की 302 बुनकर सहकारी समितियों को 7 करोड़ 60 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा 3 नवंबर को 49 बुनकर समितियों को 1 करोड़ 50 लाख और 128 महिला स्व-सहायता समूहों को 31 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
चालू वित्तीय वर्ष में 3 नवंबर तक कुल 76 करोड़ 13 लाख 54 हजार रुपये सीधे खातों में भेजे जा चुके हैं। इसमें 345 बुनकर समितियों को 54 करोड़ 87 लाख और 2005 महिला समूहों को सिलाई के लिए 21 करोड़ 17 लाख रुपये मिले हैं।
वहीं, सुकमा, बस्तर, कोरबा और जशपुर की 30 पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्हें निःशुल्क सिलाई मशीन भी उपलब्ध कराई जा रही है।
