Chhattisgarh | Will the development landscape in mining-affected areas change? The Governor has issued instructions.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि अब पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर प्राथमिकता से खर्च करने की तैयारी है। राज्यपाल रमेन डेका ने अधिकारियों को इसके लिए कम से कम दो साल का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बस्तर के विकास पर विशेष जोर देने को भी कहा गया है।
लोक भवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल ने कहा कि खनन प्रभावित इलाकों में प्रदूषण नियंत्रण सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए पर्यावरणविदों की मदद लेने और उद्योगों से पर्यावरणीय मानकों का पालन कराने पर जोर दिया। नदियों से रेत निकालने में भी वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कलेक्टरों से आम लोगों से बातचीत कर उनकी जरूरतों के आधार पर योजनाएं बनाने को कहा। उन्होंने नियमित बैठकें कर काम की समीक्षा करने और जनप्रतिनिधियों को भी विकास कार्यों से जोड़ने के निर्देश दिए।
बस्तर में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ मुख्यधारा में लौटे लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा गया। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा विस्थापित परिवारों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। DMF से बने परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने और पोर्टल के जरिए परियोजनाओं की निगरानी की जानकारी भी बैठक में दी गई।
