Chhattisgarh | अब इंजीनियरों की जवाबदेही होगी तय!

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Chhattisgarh | Now the accountability of engineers will be fixed!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क, पुल और भवन निर्माण की गुणवत्ता सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अभियंताओं को नई तकनीकों और कामकाज के तरीकों का प्रशिक्षण दिया। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने साफ कहा कि इंजीनियरों की सक्रियता सिर्फ कार्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, उन्हें फील्ड में भी काम की निगरानी करनी होगी।

रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘निर्माण मंथन’ में प्रदेशभर के मुख्य अभियंता से लेकर उप अभियंता तक शामिल हुए। एनआईटी रायपुर के विशेषज्ञों और वरिष्ठ अभियंताओं ने सड़क, पुल और भवन निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और रखरखाव की जानकारी दी।

अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। अभियंताओं को नई तकनीक और मशीनरी अपनाने के साथ खुद को लगातार अपडेट करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने फील्ड और फाइल, दोनों स्तरों पर काम दुरुस्त रखने की बात कही। वहीं प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी ने बताया कि सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। उन्होंने निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता की जांच के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान करने पर जोर दिया।

अब विभाग का जोर सिर्फ निर्माण पर नहीं, बल्कि उसकी मजबूती और गुणवत्ता पर भी रहेगा।

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