Chhattisgarh | Whose sacrifice is behind the peace of Bastar?
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में शांति और विकास की नई तस्वीर के पीछे सुरक्षा बलों के जवानों का बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम में 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की नई सुबह जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। शहीद परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर सुख-दुख में इन परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
चार दशक की हिंसा के बाद बदल रहा बस्तर
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ के जवानों के योगदान को भी सराहा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में अब सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के जरिए दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं और जनजातीय संस्कृति को भी बढ़ावा मिल रहा है।
शहीद परिवारों के सम्मान का संकल्प
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सपनों का सुरक्षित, शांतिपूर्ण और विकसित बस्तर बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। आयोजन में शहीद परिवारों के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया।
