Chhattisgarh | A new way of earning will open in villages, a special initiative of the government
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में अब पर्यटन के जरिए रोजगार और कमाई के नए अवसर तैयार करने की पहल की जा रही है। सरकार होम-स्टे को बढ़ावा देकर आदिवासी परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
चार जिलों के लोगों को मिला प्रशिक्षण
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI), नवा रायपुर ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें सरगुजा, जशपुर, कबीरधाम और बस्तर जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को शामिल किया गया। 28 अक्टूबर को आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IIM रायपुर ने तकनीकी सहयोग दिया।
होम-स्टे से कैसे होगी कमाई?
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को होम-स्टे के पंजीयन, जरूरी दस्तावेज, सरकारी मानकों और उपलब्ध अनुदान सहायता की जानकारी दी गई। साथ ही पर्यटकों के लिए साफ-सफाई, अतिथि सत्कार, कमरों के रखरखाव और बेहतर सेवाएं देने के तरीके भी बताए गए।
डिजिटल मार्केटिंग पर भी जोर
कार्यक्रम में सोशल मीडिया, ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। इसके जरिए होम-स्टे संचालक सीधे पर्यटकों से संपर्क कर सकेंगे और ऑनलाइन बुकिंग बढ़ाने के अवसर पा सकेंगे।
TRTI की संचालक हिना अनिमेष नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाना, युवाओं और महिला समूहों के लिए स्वरोजगार के अवसर तैयार करना और सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाना है।
