CGPSC Scam | No relief to Taman Singh Sonwani.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को फिलहाल राहत नहीं मिली है। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बिलासपुर हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सबकी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है।
45 लाख की रिश्वत का क्या है आरोप?
सीबीआई के मुताबिक, कारोबारी श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर बनवाने के लिए कथित तौर पर 45 लाख रुपये दिए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह रकम ग्रामीण विकास समिति के जरिए दो किस्तों में दी गई। सोनवानी के परिजनों के समिति से जुड़े होने की बात भी जांच में सामने आई है।
सीबीआई ने 18 नवंबर 2024 को सोनवानी को गिरफ्तार किया था। वह तब से जेल में हैं।
भर्ती प्रक्रिया पर क्यों उठे सवाल?
मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर फायदा पहुंचाया गया। सीबीआई ने प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने और रिश्तेदारों के चयन में मदद करने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
वर्ष 2021 के परीक्षा परिणाम आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के प्रभावशाली लोगों से संबंधों को लेकर विवाद उठा था। पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने मामले की जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। बाद में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली।
फिलहाल, ये आरोप जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं। सोनवानी की जमानत पर हाई कोर्ट का फैसला आना बाकी है।
