Chhattisgarh | New avatar of Anganwadi!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी अब सिर्फ बच्चों को खिलाने-पिलाने की जगह नहीं रही, बल्कि ये पूरी तरह बदल चुकी है। अब ये छोटे बच्चों की पहली स्मार्ट क्लास बन गई है, जहां खेल-खेल में पढ़ाई हो रही है।
राज्य के कई जिलों में बने नए आंगनबाड़ी भवन ‘बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड’ मॉडल पर तैयार किए गए हैं। यानी अब दीवारें, फर्श और सीढ़ियां भी बच्चों को सिखा रही हैं। रंग-बिरंगी डिजाइन के जरिए बच्चे अक्षर, नंबर, जानवर और बहुत कुछ आसानी से सीख रहे हैं।
धमतरी जैसे जिलों में तो ये मॉडल काफी सफल साबित हो रहा है। यहां बच्चे खेलते-खेलते पढ़ाई कर रहे हैं और आंगनबाड़ी का माहौल बिल्कुल प्ले-स्कूल जैसा दिखने लगा है।
इस बदलाव का एक और बड़ा फायदा हुआ है गांव में रोजगार बढ़ा है। मनरेगा के तहत इन भवनों के निर्माण से स्थानीय लोगों को काम मिला और पलायन भी कम हुआ।
अब आंगनबाड़ी सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है। यहां गर्भवती महिलाओं, माताओं और किशोरियों के लिए भी पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
सरकार की कई योजनाएं भी यहीं से सीधे लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल रही है।
कुल मिलाकर, आंगनबाड़ी अब एक ऐसा मॉडल बन गया है जो बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सेहत और गांव की अर्थव्यवस्था तीनों को साथ लेकर चल रहा है।
