केशकाल | नीरज उपाध्याय
केशकाल:- सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित कलेक्टर जनसमस्या निवारण शिविर में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। केशकाल एसडीएम ने विभिन्न विभागों के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामला 25 मई 2026 को ग्राम पंचायत लिहागांव में आयोजित कलेक्टर शिविर से जुड़ा है। शासन के निर्देशानुसार शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा सके और योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सके। इसके बावजूद कई अधिकारी बिना पूर्व सूचना के शिविर से अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में पशु चिकित्सा विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग और मत्स्य विभाग सहित कुल सात अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत पाई गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभागीय अमले में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस-
1. श्री अनुराग भारती — खण्ड चिकित्सा अधिकारी, बड़ेराजपुर
2. श्री शुभम पाण्डे — वन परिक्षेत्र अधिकारी, बड़ेराजपुर
3. श्री मीनेश वर्मा- खाद्य निरीक्षक, बड़ेराजपुर
4. श्री जे.एम.एस. सेमरा- उप अभियंता, लोक निर्माण विभाग, बड़ेराजपुर
5. श्री नितेश राज खोब्रागड़े- सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग
6. श्री तनुज गिलहरे- सहायक अभियंता, विद्युत विभाग, बड़ेराजपुर
7. सुश्री अस्तिमा सिन्हा- मत्स्य निरीक्षक, बड़ेराजपु
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