Chhattisgarh | Government’s big decision regarding vacant houses!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से खाली पड़े सरकारी आवासों को बेचने के लिए राज्य सरकार की बल्क परचेस नीति का असर दिखने लगा है। अब तक छह शहरों में सरकारी और निजी संस्थाओं ने कुल 226 आवास खरीद लिए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 42.17 करोड़ रुपये बताई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले के तहत दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर और आरंग में आवासों की खरीदी हुई है। जीएसटी विभाग ने चार शहरों में 68 मकान करीब 23.77 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। वहीं, नवा रायपुर में मेफेयर संस्था ने 128 आवास करीब 16.20 करोड़ रुपये में खरीदे। मैट्स विश्वविद्यालय ने आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये में लिए हैं।
इसके अलावा नवा रायपुर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने भी 128 फ्लैट खरीदने का निर्णय लिया है। इनकी अनुमानित कीमत 16.20 करोड़ रुपये है। यह खरीदी पूरी होने पर आवासों की बिक्री का आंकड़ा और बढ़ेगा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के कई मकान लंबे समय से खाली थे। 14 नवंबर 2025 को राज्य मंत्रिपरिषद ने फैसला लिया कि तीन बार विज्ञापन के बाद भी नहीं बिकने वाले आवास पात्र हितग्राहियों के अलावा अन्य आय वर्ग के लोगों और संस्थाओं को भी बेचे जा सकेंगे।
हालांकि, EWS और LIG वर्ग के पात्र हितग्राहियों को पहले की तरह सरकारी अनुदान मिलता रहेगा। अन्य आय वर्ग और संस्थाएं बिना अनुदान के मकान खरीद सकेंगी। सरकार का कहना है कि इससे खाली मकानों का उपयोग बढ़ेगा और आवासीय परिसरों में बसाहट को गति मिलेगी।
