Chhattisgarh | A glimpse of the changes in Bastar will be seen, this picture of employment will be special!
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में इस बार वन विभाग की प्रदर्शनी में बदलते बस्तर की तस्वीर देखने को मिलेगी। ‘बदलता बस्तर, संवरता छत्तीसगढ़’ थीम पर तैयार हो रही इस प्रदर्शनी में पर्यटन, वन संरक्षण और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसरों को दिखाया जाएगा। खास फोकस महिलाओं की आत्मनिर्भरता और युवाओं की आजीविका पर रहेगा।
प्रदर्शनी में कांगेर घाटी की जंगल सफारी और गुफाओं के साथ कोंडागांव की पुष्पाल घाटी, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मट्टीमरका और सुकमा के तुंगल डैम को मॉडल के जरिए दिखाया जाएगा। धुड़मारास के धुरवा होमस्टे और देवगुड़ियों के संरक्षण की जानकारी भी मिलेगी।
सुकमा का तुंगल कैफे खास आकर्षण होगा, जिसे मुख्यधारा में लौटीं 10 महिलाएं मिलकर चला रही हैं। वहीं कांगेर घाटी में 35 जिप्सी वाहनों से करीब 200 स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। तुंगल में नौका विहार, कयाकिंग और नेचर गाइड के रूप में भी युवा कमाई कर रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण के तहत बारनवापारा में काले हिरण की वापसी, औरापानी में गिद्ध संरक्षण और कोपरा जलाशय की जानकारी दी जाएगी। मानव-हाथी द्वंद्व और सह-अस्तित्व का संदेश देने के लिए गजरथ यात्रा भी प्रदर्शित होगी।
मंडप में वन उत्पादों की खरीदारी, बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता और QR कोड से पर्यटन स्थलों की जानकारी मिलेगी। तीन विशेष द्वारों के जरिए दंतेवाड़ा के वन मंदिर, जनजातीय गौरव और टाइगर बॉय चेंदरू की स्मृति को भी दर्शाया जाएगा।
