Chhattisgarh | After seeing Bastar, the officer said, now the picture has changed
जगदलपुर। बस्तर के बदलते हालात को करीब से देखने पहुंचे 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने इसे नए दौर में प्रवेश करता क्षेत्र बताया। अधिकारियों ने कहा कि शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास के साथ बस्तर में अब आगे बढ़ने की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
पर्यटन से विकास की उम्मीद
बस्तर प्रवास के दौरान अधिकारियों ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात समेत कई पर्यटन स्थलों का दौरा किया। प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं को देखकर उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं।
लोगों को बताया बस्तर की ताकत
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात के बाद सेवानिवृत्त अधिकारियों ने यहां के लोगों की सरलता, मेहनत और अपनी संस्कृति से जुड़ाव की तारीफ की। उनका कहना था कि बस्तर की असली ताकत यहां के लोग हैं और यही ताकत विकास को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अधिकारियों ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर बस्तर की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
शहीदों को श्रद्धांजलि, युवाओं से संवाद
जगदलपुर की अमर वाटिका पहुंचकर अधिकारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पण्डुम कैफे में पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने और मुख्यधारा में लौटकर नई शुरुआत के प्रयासों की सराहना की।
अधिकारियों ने बस्तर में माओवादी हिंसा में कमी और बेहतर सुरक्षा माहौल को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि शांति का वातावरण मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बस्तर देश के प्रमुख विकास क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकता है।
