Chhattisgarh | बस्तर में जुटे अफसर, अब खुलेगा सहकारिता का रास्ता

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Chhattisgarh | Officers gathered in Bastar, now the path to cooperation will open.

जगदलपुर। बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को लेकर बड़ा मंथन शुरू हुआ है। जगदलपुर में दो दिवसीय ‘सहकार से समृद्धि’ राष्ट्रीय वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर के अधिकारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा पर चर्चा कर रहे हैं।

अंतिम छोर तक पहुंचेगा फायदा

भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारिता की असली सफलता तभी है, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख समितियों यानी पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनाने, उनका डिजिटलीकरण करने और नई गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

छत्तीसगढ़ ने बताया अपना मॉडल

मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियां बनाई गई हैं। डेयरी, मत्स्य पालन और लघु वनोपज जैसे क्षेत्रों में भी सहकारी समितियों का विस्तार किया जा रहा है। समितियों को डिजिटल सेवाओं और माइक्रो-एटीएम से जोड़कर ग्रामीण लोगों तक बैंकिंग और दूसरी सुविधाएं पहुंचाने पर काम हो रहा है।

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय आयोजन

वर्कशॉप में विभिन्न राज्यों के अधिकारी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। चर्चा में पैक्स का डिजिटलीकरण, भंडारण, सहकारी बैंकिंग, ग्रामीण रोजगार और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण जैसे मुद्दे शामिल हैं। सम्मेलन में सहकारी समितियों के उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।

सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने बस्तर में हालिया जलभराव के बावजूद कम समय में आयोजन स्थल तैयार करने के लिए प्रशासन की टीम के प्रयासों का उल्लेख किया। यह दो दिवसीय मंथन बस्तर समेत दूरदराज के क्षेत्रों में सहकारिता के जरिए विकास को नई दिशा देने पर केंद्रित है।

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