Chhattisgarh | Who will be the special guest this time at Bastar Dussehra?
रायपुर, 6 अक्टूबर। बस्तर दशहरा की तैयारियों के बीच एक खास मुलाकात हुई है। बस्तर राज परिवार के माटी पुजारी एवं रथपति महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल रमेन डेका से लोक भवन में सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजनों में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को दशहरा उत्सव के तहत होने वाले महाराजा नवाखाई और महाराजा बाहर रहनी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने बस्तर दशहरा से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी भी राज्यपाल को दी।
बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के सबसे अलग और ऐतिहासिक उत्सवों में गिना जाता है। इसकी खासियत सिर्फ रावण दहन या पारंपरिक दशहरा आयोजन तक सीमित नहीं है। बस्तर में यह उत्सव लंबे समय तक चलने वाली अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है।
मुलाकात के दौरान महाराजा ने राज्यपाल को उत्सव के विभिन्न आयोजनों और उनकी परंपराओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा में स्थानीय आस्था, परंपरा और राज परिवार की ऐतिहासिक भूमिका का खास महत्व है।
राज्यपाल रमेन डेका ने आमंत्रण के लिए महाराजा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोक आस्था का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि इसकी अनूठी परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अलग पहचान देती हैं।
इस मुलाकात के साथ अब बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजनों में राज्यपाल की संभावित मौजूदगी को लेकर भी उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि, राज्यपाल किस कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसे लेकर आगे का कार्यक्रम तय होना बाकी है।
बस्तर दशहरा की पहचान उसकी सदियों पुरानी परंपराओं और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी हुई है। यही वजह है कि हर साल इस उत्सव के दौरान देश-प्रदेश के लोगों की नजर बस्तर पर रहती है।
इस बार भी उत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। महाराजा कमल चंद्र भंज देव का राज्यपाल को दिया गया निमंत्रण इसी कड़ी का हिस्सा है।
