Chhattisgarh | The picture has changed in Bastar, now 3800 disabled people have new hope.
रायपुर। लंबे समय तक नक्सली हिंसा का सामना कर चुके बस्तर में अब पुनर्वास और विकास की दिशा में बड़ा अभियान चल रहा है। जगदलपुर में आयोजित तीन दिवसीय शिविर में बस्तर संभाग के 3,800 से ज्यादा दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया है।
शिविर में आईईडी विस्फोट, सड़क हादसों और अन्य कारणों से अंग गंवा चुके लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी और श्रवण यंत्र मुफ्त दिए जा रहे हैं। मौके पर ही विशेषज्ञ नाप लेकर कृत्रिम अंग तैयार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल शुभारंभ करते हुए इसे दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आईईडी पीड़ितों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करना भी पुनर्वास अभियान का अहम हिस्सा है।
पहले चरण में 5 से 7 अक्टूबर तक बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इसके बाद 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में दूसरे चरण का शिविर लगाया जाएगा। राज्य के आधिकारिक सेवा अभियान पोर्टल पर भी अक्टूबर में बस्तर समेत विभिन्न जिलों में सेवा गतिविधियां दर्ज हैं।
