Chhattisgarh | Controversy erupts over free education in private schools
रायपुर। छत्तीसगढ़ में RTE के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में मिलने वाली मुफ्त शिक्षा को लेकर विवाद गहरा गया है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का दावा है कि RTE की सीटें करीब 85 हजार से घटकर 26 हजार रह गईं, जिससे करीब 59 हजार बच्चों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
विवाद की बड़ी वजह इस सत्र से RTE में कक्षा पहली को ही Entry Point बनाए जाने को बताया जा रहा है। सरकारी RTE पोर्टल भी 2026-27 के लिए पहली कक्षा को प्रवेश कक्षा बताता है।
एसोसिएशन का कहना है कि पहले नर्सरी समेत अलग-अलग शुरुआती कक्षाओं से प्रवेश का विकल्प था। अब सीधे पहली कक्षा से प्रवेश होने के कारण गरीब बच्चों के लिए RTE सीटों में कमी आई है। राजीव गुप्ता ने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे बच्चों को निजी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा पाने का मौका प्रभावित हो रहा है।
मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है। एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा विभाग ने पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने की बात कोर्ट में कही है। वहीं RTE पोर्टल के मुताबिक प्रदेश में करीब 2.9 लाख विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि RTE की सीटों में बदलाव और Entry Point को लेकर कोर्ट क्या फैसला देता है।
