Chhattisgarh High Court’s big decision regarding Hiba in Muslim law
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने मुस्लिम कानून के तहत संपत्ति के गिफ्ट यानी हिबा को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ गिफ्ट डीड का रजिस्ट्रेशन करा देना पर्याप्त नहीं है।
वैध हिबा के लिए तीन चीजें जरूरी हैं दान की घोषणा, प्राप्तकर्ता की स्वीकृति और संपत्ति का वास्तविक कब्जा सौंपना।
मामला रायपुर के पुरैना की 1500 वर्गफीट जमीन से जुड़ा था। कोर्ट ने पाया कि गिफ्ट डीड के बावजूद नसीमा अली और उनके बच्चे संपत्ति के एक हिस्से पर लगातार कब्जे में थे। गिफ्ट लेने वाला पक्ष पूरी संपत्ति का वास्तविक कब्जा सौंपे जाने की बात साबित नहीं कर सका।
हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए गिफ्ट डीड को नसीमा और उनके बच्चों के अधिकारों के खिलाफ शून्य और गैर-बाध्यकारी माना। साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि किसी को सिर्फ गिफ्ट डीड के आधार पर जबरन बेदखल नहीं किया जा सकता।
