Chhattisgarh | Controversy in Bharatpur over Rs 1200 annual tax
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। भरतपुर जनपद पंचायत का एक आदेश सामने आने के बाद अब इस पर सियासत तेज हो गई है। आदेश में ग्राम पंचायतों को SAMARTH Panchayat Portal और संपदा ऐप पर प्रॉपर्टी से जुड़ी एंट्री और टैक्स डिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा शासन के टैक्स आतंक का एक और नमूना!
भरतपुर जनपद में प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर पहले से महँगाई की मार झेल रही जनता पर एक और आर्थिक कुठाराघात किया जा रहा है।
क्या यह सोलहवें वित्त आयोग के निर्देशों का पालन है, या आदरणीय मोदी जी के आदेश का?
क्या यही मोदी जी की एक और… pic.twitter.com/UE2Lt5cT0E
— T S Singhdeo (@TS_SinghDeo) August 8, 2026
आदेश के मुताबिक, ग्राम पंचायत क्षेत्र के शासकीय भवनों का सर्वे कर राशन कार्डधारी परिवारों को आधार मानते हुए प्रत्येक करयोग्य परिवार पर न्यूनतम 1,200 रुपए वार्षिक यानी 100 रुपए प्रतिमाह भवन/मकान कर अधिरोपित करने की बात कही गई है। साथ ही पोर्टल और ऐप में संबंधित प्रविष्टियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को 24 घंटे के भीतर SAMARTH Panchayat Portal और ग्राम संपदा ऐप में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर वेतन आहरण रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
TS सिंहदेव ने सरकार पर साधा निशाना
इस आदेश को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसे “भाजपा शासन के टैक्स आतंक का एक और नमूना” बताते हुए सवाल उठाया कि क्या यह 16वें वित्त आयोग के निर्देशों का पालन है या सरकार की ओर से जनता पर नया आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सिंहदेव ने सरकार से आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की है।
