Wangchuk hunger strike | Wangchuk ends 26-day fast after Modi’s video message
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश और सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद अनशन तोड़ने से आंदोलन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इससे लाखों छात्रों व उनके अभिभावकों को पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करेगी। पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा के प्रावधान को लेकर कैबिनेट में चर्चा की बात भी प्रधानमंत्री ने कही।
इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन के समर्थन में 28 जून से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने भी उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी।
वांगचुक ने कहा कि लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने जल्द ही बातचीत के दौरान सामने आई शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी देने की बात कही।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोनम वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह मानने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की थी।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया।
हालांकि, वांगचुक के अनशन खत्म करने के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जंतर-मंतर समेत कई शहरों में छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
