Chhattisgarh | School opened where there was a gun!
नारायणपुर। जिस अबूझमाड़ का नाम कभी नक्सलवाद और बंदूक की आवाज से जुड़ता था, वहां अब बच्चों के हाथों में किताब और स्लेट दिखाई दे रही है।
Chhattisgarh के नारायणपुर जिले के बेहद अंदरूनी कारकाबेड़ा गांव में आजादी के बाद पहली बार प्राथमिक स्कूल खुला है। ये सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए नई शुरुआत है।
गांव इतना दूर है कि यहां पहुंचने के लिए अधिकारियों, शिक्षकों और पंचायत टीम को नदी-नाले, पहाड़ और जंगल पार करते हुए करीब 5 घंटे पैदल चलना पड़ा।
सर्वे में 20 बच्चे पढ़ाई के लिए योग्य मिले, और उसी के बाद गांव में नए स्कूल का शुभारंभ किया गया। पहले ही दिन बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें, स्लेट, पेंसिल और बाकी पढ़ाई का सामान दिया गया।
गांव के लोगों का कहना है कि अब उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालकर दूर नहीं जाना पड़ेगा।
अबूझमाड़ में खुला ये स्कूल सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि बदलते छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी तस्वीर बनकर सामने आया है।
