Chhattisgarh: Investigation into Rs 4000 crore scam intensifies
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब और डीएमएफ घोटालों में अब जांच का शिकंजा और कसता जा रहा है। ED और EOW की कार्रवाई में कारोबारी अनवर ढेबर और रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा पर बड़ा एक्शन हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों से जुड़े नेटवर्क ने शराब, डीएमएफ, नकली होलोग्राम और अन्य मामलों में करीब 4000 करोड़ रुपए का खेल किया।
सबसे बड़ा आरोप शराब घोटाले को लेकर है। ED के मुताबिक सरकारी शराब दुकानों के जरिए अवैध शराब बेचकर 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा की काली कमाई की गई। इस मामले में अब तक 85 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।
जांच एजेंसियों के अनुसार अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा पूरे सिंडिकेट के प्रमुख चेहरे थे। डीएमएफ फंड में पसंदीदा ठेकेदारों को काम दिलाने और भारी कमीशनखोरी के आरोप भी सामने आए हैं। वहीं नकली होलोग्राम, प्लेसमेंट एजेंसी भुगतान और कस्टम मिलिंग में भी करोड़ों की अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
ED ने अब तक 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इनमें गोवा का लग्जरी वेस्टिन होटल, रायपुर की जमीनें, प्लॉट, होटल, बैंक खाते, शेयर, म्यूचुअल फंड, एफडी और करोड़ों के गहने शामिल हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और अब विशेष अदालत में सुनवाई तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
