Chhattisgarh | High Court strict on census duty, employees must obey orders
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना ड्यूटी को लेकर बड़ा फैसला आया है। हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पंचायत और नगर निकाय के कर्मचारियों को जनगणना काम में लगाना पूरी तरह वैध है और इससे बचा नहीं जा सकता।
मामला बेमेतरा के कर्मचारी मनीष जैन का था, जिन्होंने जनगणना ड्यूटी में अटैच किए जाने को कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि यह उन्हें परेशान करने के लिए किया गया है।
लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य है और जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्रशासन को पूरा अधिकार है कि वह किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी लगा सके।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को आदेश दिया जाएगा, उसे यह ड्यूटी करनी ही होगी और उस दौरान वह “लोक सेवक” माना जाएगा।
इधर बिलासपुर में जनगणना की तैयारी भी तेज हो गई है। 476 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है और 1 मई से 30 मई तक 62,500 कर्मचारी घर-घर जाकर डाटा जुटाएंगे। बिना अनुमति छुट्टी भी नहीं मिलेगी।
