Chhattisgarh | From the village to the CM’s chair, what did Sai tell the youth?
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं से कहा कि बड़े सपने देखें, अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करें और मेहनत से उन्हें पूरा करें। उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि एक छोटे से गांव के सरपंच से मुख्यमंत्री तक का सफर उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था।
रायपुर के सड्डू में आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद’ में मुख्यमंत्री जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ के भविष्य पर सवाल पूछे। साय ने सहज अंदाज में उनके जवाब दिए।
पिता को खोया, फिर भी नहीं रुके
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 10 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी भी संभाली। उन्होंने कहा कि सरपंच बनने की भी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाते हुए विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और फिर मुख्यमंत्री तक पहुंचे।
युवाओं को दिए सफलता के मंत्र
साय ने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने और अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। जल संरक्षण पर उन्होंने “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए घरों और स्कूलों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की बात कही।
शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालयों और पीएमश्री योजना में शामिल 341 स्कूलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया और युवाओं को राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया।
