Chhattisgarh: Compensation after death will be given from actual salary, not old salary
रायपुर। Chhattisgarh के हजारों कर्मचारी परिवारों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि किसी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को मिलने वाला मुआवजा अब पुरानी तय वेतन सीमा के हिसाब से नहीं, बल्कि कर्मचारी की मौत के समय मिल रही असली सैलरी के आधार पर तय होगा।
जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की बेंच ने कहा कि ‘एक्चुअल सैलरी’ ही मुआवजे का सही आधार है। यानी अब नियमों के नाम पर परिवारों को कम रकम देने का रास्ता आसान नहीं रहेगा।
पूरा मामला Jagdalpur के ट्रक ड्राइवर सत्येंद्र सिंह से जुड़ा है, जिनकी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। लेबर कोर्ट ने परिवार को करीब 9.49 लाख रुपए देने का आदेश दिया था, लेकिन बीमा कंपनी ने इसे चुनौती देते हुए कहा था कि 8 हजार रुपए की सीमा के हिसाब से ही मुआवजा तय होना चाहिए।
अब हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद कर्मचारियों के परिवारों को बड़ा कानूनी सहारा मिला है और आने वाले कई मामलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
