Chhattisgarh | 478 teachers missing!
रायपुर। स्कूल खुल गए, बच्चे क्लास में पहुंच गए, लेकिन प्रदेश के 1,284 सरकारी स्कूलों में स्किल एजुकेशन पढ़ाने वाले 478 शिक्षक अब भी गायब हैं। हालत ये है कि दो साल से खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार फिर ठेका व्यवस्था का सहारा लेने जा रही है।
शिक्षक संघ ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि हर साल आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया में महीनों लग जाते हैं और कई स्कूल पूरे सत्र बिना प्रशिक्षकों के ही चल जाते हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और रिजल्ट पर पड़ता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश के स्कूलों में 25 अलग-अलग ट्रेड शुरू किए गए हैं, लेकिन इन विषयों के लिए अब तक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। संघ का दावा है कि पिछले 10 साल से यही व्यवस्था चल रही है और हर बार भर्ती में देरी से हजारों छात्र कौशल आधारित शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर नियमित भर्ती की मांग की है। उनका कहना है कि यदि 2030 तक हर स्कूल में स्किल एजुकेशन का लक्ष्य हासिल करना है, तो ठेका व्यवस्था छोड़कर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी।
फिलहाल सवाल यही है कि जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों को रोजगार से जोड़ने वाली शिक्षा आखिर कैसे मिलेगी?
