नीरज उपाध्याय/केशकाल:– नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हैरानी की बात यह है कि न बारिश हुई, न आंधी-तूफान आया और न ही कोई बड़ा प्राकृतिक व्यवधान सामने आया, इसके बावजूद घंटों से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से आम नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
लोगों का कहना है कि जब मौसम पूरी तरह सामान्य है, तब बार-बार और लंबे समय तक बिजली बंद रहने का कारण क्या है? विद्युत विभाग की ओर से भी अब तक समस्या की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने से उपभोक्ताओं में असमंजस और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।
हालांकि जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के कर्मचारी लगातार फाल्ट की तलाश और मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। विभिन्न स्थानों पर तकनीकी खामी ढूंढने और उसे सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यही वजह है कि बिजली आपूर्ति अब तक सामान्य नहीं हो सकी है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगरवासी भी एक-एक कर विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों से लोग लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वास्तविक समस्या क्या है और सप्लाई कब तक बहाल होगी। लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ सका है।
लंबे समय तक बिजली गुल रहने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति से लेकर मोबाइल चार्जिंग और ऑनलाइन कार्य तक प्रभावित हो चुके हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौसम पूरी तरह सामान्य है और विभागीय अमला लगातार मैदान में मौजूद है, तब आखिर ऐसा कौन-सा फाल्ट है जो घंटों बाद भी नहीं सुधर पा रहा है? नगरवासियों की नजरें अब विद्युत विभाग पर टिकी हुई हैं।
अब देखना यह होगा कि आखिर कब तक बिजली सप्लाई बहाल हो पाती है और विभाग जनता के सामने इस लंबे ब्लैकआउट की वास्तविक वजह रख पाता है या नहीं।
