Chhattisgarh | Discussion on UCC in Chhattisgarh, what next?
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार, 28 अक्टूबर को बिलासपुर में संभाग स्तरीय परामर्श बैठक हुई, जिसमें आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे।
बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान संहिता के पक्ष और विपक्ष में भी विचार रखे गए।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर
समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य पारिवारिक कानूनों में समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं व बच्चों के अधिकारों को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था, पूजा-पद्धति और रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
समिति के मुताबिक, अलग-अलग समुदायों से मिले सुझावों और मौजूदा कानूनी व्यवस्थाओं के अध्ययन के आधार पर प्रारूप तैयार किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है।
आठ जिलों के प्रतिनिधियों ने रखी बात
बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रतिनिधि शामिल हुए। सामाजिक परंपराओं और कानूनी सुधारों को लेकर अलग-अलग राय सामने आई।
30 अक्टूबर तक दे सकते हैं सुझाव
आम नागरिक और संगठन 30 अक्टूबर 2026 तक अपनी राय ऑनलाइन दे सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in और ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in उपलब्ध हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सुझावों और कानूनी अध्ययन के बाद तैयार होने वाला प्रारूप कैसा होगा।
