Chhattisgarh Liquor Scam | 10th challan in liquor scam, 42 accused and firms under scanner!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों-कंपनियों के खिलाफ दसवां चालान पेश किया है। 14 अक्टूबर को विशेष न्यायालय में 27 हजार पन्नों का चालान दाखिल किया गया। जांच एजेंसी ने शराब की अवैध बिक्री, कमीशनखोरी और हवाला नेटवर्क से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
डुप्लीकेट होलोग्राम से अवैध बिक्री का आरोप
जांच के मुताबिक, डिस्टिलरी संचालकों ने कथित तौर पर बिना आबकारी शुल्क चुकाए अतिरिक्त शराब तैयार कराई। इसे ‘पार्ट-बी’ शराब बताया गया है। आरोप है कि डुप्लीकेट होलोग्राम और फर्जी परिवहन परमिट के जरिए शराब सरकारी दुकानों तक पहुंचाई गई, जबकि इसकी बिक्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाती थी।
एजेंसी का दावा है कि मैनपावर एजेंसियों के कर्मचारियों के जरिए भी इस शराब की बिक्री कराई गई और रकम अलग रखकर सिंडिकेट तक पहुंचाई गई।
हवाला से विदेश तक रकम पहुंचाने का दावा
चालान में हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों और दुबई तक रकम पहुंचाने के आरोप भी शामिल हैं। जांच में संपत्तियों, कंपनियों और बैंक खातों के माध्यम से कथित अवैध कमाई को वैध दिखाने की बात कही गई है।
एसीबी/ईओडब्ल्यू के अनुसार, 15 जिलों में पार्ट-बी शराब की 60.50 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री का अनुमान है, जिसका सकल मूल्य करीब 2,174.67 करोड़ रुपये आंका गया है।
बी.आर. लोहिया और कुमार भाई ठक्कर के खिलाफ फरारी में चालान पेश किया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।
