Chhattisgarh: Bail rejected for accused including Amit Baghel
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि हजारों लोगों की भीड़ को भड़काकर सरकारी दफ्तरों में आग लगाना, पुलिस पर हमला करना और करोड़ों की संपत्ति जलाना कोई छोटा अपराध नहीं है। ऐसे आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस हिंसा में 13 से 14 करोड़ रुपए तक का नुकसान हुआ और कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी गई थी।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि आरोपी खुद को घटना के समय दूसरी जगह मौजूद बता रहे हैं, लेकिन उनके पास ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके। वहीं सरकार की तरफ से आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी कोर्ट में रखा गया। अमित बघेल पर पहले से 17 केस दर्ज बताए गए हैं।
10 जून 2024 को बलौदाबाजार में विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक हिंसक हो गई थी। कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस में आगजनी, गाड़ियों में तोड़फोड़ और पुलिस जवानों पर हमला किया गया था। उसी मामले में अब हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है।
