Chhattisgarh: New twist in excise scam, Bilaspur High Court grants bail to 5 accused
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ के आबकारी घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने लंबे समय से जेल में बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर समेत 5 आरोपियों को जमानत दे दी है।
जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। करीब 22 महीने से टुटेजा और ढेबर जेल में बंद थे। इससे पहले सत्र न्यायालय, हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत खारिज हो चुकी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट से दोबारा हाईकोर्ट में बेल लगाने की छूट मिली थी।
इस केस में नितेश पुरोहित, दीपेंद्र चावला और यश पुरोहित को भी जमानत मिली है। हालांकि अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा तुरंत जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि 550 करोड़ रुपए के DMF घोटाले में भी वे आरोपी हैं और उसमें जमानत नहीं मिली है।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 के बीच शराब नीति में बदलाव कर 3200 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा किया था। आरोप है कि लाइसेंस शर्तें बदलकर चहेते सप्लायरों को फायदा पहुंचाया गया। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से शराब बेची गई और एक्साइज टैक्स से बचा गया।
बताया गया कि इस खेल में 2165 करोड़ रुपए का टैक्स नुकसान हुआ। मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल समेत कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हुई थी। आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि DMF केस के चलते दो बड़े आरोपी फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
