Major boost in higher education | Chhattisgarh budget increased by 50%, focus on recruitment, NEP, and NAAC
रायपुर, 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को पत्रवार्ता में विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में 1212.75 करोड़ रुपये का बजट वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1822.75 करोड़ रुपये हो गया है, यानी उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
मंत्री ने बताया कि सत्र 2024-25 से प्रदेश के 9 में से 7 राजकीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की जा चुकी है। इसके तहत 42 स्किल/एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स, 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स तैयार किए गए हैं और इंडस्ट्री-एकेडमिया सहयोग बढ़ाने के लिए RUSA कार्यालय में रिसर्च क्वालिटी एवं इंडस्ट्रियल एकेडमिया कोलैबोरेशन सेल का गठन किया गया है। पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शामिल किया गया है।
भर्ती-पदोन्नति पर जोर
वर्ष 2025 में 366 सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक पद पर पदोन्नति दी गई। इसके साथ 151 स्नातक और 7 स्नातकोत्तर प्राचार्यों को भी पदोन्नत किया गया। शासकीय महाविद्यालयों में 595 प्राध्यापकों के पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीडाधिकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रयोगशाला तकनीशियन के 233 पदों पर भर्ती हो चुकी है, जबकि 430 प्रयोगशाला परिचारकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है।
NAAC, GER और नए कॉलेज
प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में से 200 का NAAC मूल्यांकन हो चुका है। 9 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 5 का NAAC मूल्यांकन पूरा हो गया है। वर्तमान सकल नामांकन अनुपात (GER) 27.5 प्रतिशत है, जिसे 2035 तक 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ‘पोषक शाला संपर्क अभियान’ चलाया जा रहा है।
सत्र 2024-25 और 2025-26 में 8 नए शासकीय और 11 अशासकीय महाविद्यालय शुरू किए गए हैं।
PM-उषा और रिसर्च पर निवेश
PM-उषा योजना के तहत शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर को 100 करोड़ रुपये, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर और पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय को 20-20 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। 12 महाविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये सुदृढ़ीकरण के लिए मिलेंगे।
डिजिटल, स्कॉलरशिप और NSS
प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए ई-ऑफिस लागू किया गया है। छात्रवृत्तियों का वितरण पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। NSS की 1083 अनुदानित इकाइयों के साथ प्रदेश के स्वयंसेवकों और कार्यक्रम अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
आगे की कार्ययोजना
अगले तीन वर्षों में ‘गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री’ पर फोकस के लिए छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, राज्य रिसर्च व इनोवेशन योजना, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, स्किल-आधारित और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, साथ ही चार वर्षीय बी.एड./आई.टी.ई.पी. और बी.पी.एड. पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।
