Chhattisgarh | भिलाई की बसाहट बचाने की लड़ाई तेज, नोटिस के खिलाफ मैदान में उतरे विधायक

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Chhattisgarh: The fight to save Bhilai’s settlement intensifies, with MLAs protesting the notice.

भिलाई. भिलाई टाउनशिप में मकान खाली करने के लिए जारी नोटिसों ने हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अब इस मुद्दे पर भिलाई नगर विधायक Devendra Yadav खुलकर मैदान में उतर गए हैं और घर-घर जाकर लोगों का समर्थन जुटा रहे हैं।

मंगलवार को सेक्टर-2 से शुरू हुए जनसमर्थन अभियान के दौरान विधायक ने नोटिस पाने वाले परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उनके साथ नजर आए।

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भिलाई की बसावट को खत्म करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, पहले रिटेंशन स्कीम के जरिए लोगों को हटाने की कोशिश हुई और अब लीज व लाइसेंस धारकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।

विधायक ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर भिलाई टाउनशिप की पहचान और वर्षों पुरानी बसाहट को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को नोटिस मिले हैं, उनसे समर्थन पत्र लिए जाएंगे और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय इस्पात मंत्री के सामने पूरा मामला रखा जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, लेकिन आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से चलाया जाएगा।

देवेंद्र यादव का दावा है कि इस पूरे मामले से 10 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कर निजी संस्थाओं या बिल्डरों को सौंपने की योजना बनाई जा सकती है।

उनका कहना है कि भिलाई सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों की साझा संस्कृति और दशकों पुरानी पहचान का प्रतीक है, जिसे बचाने के लिए वे अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे।

 

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