Chhattisgarh | High Court’s big decision on Chhattisgarh teacher recruitment
रायपुर डेस्क। छत्तीसगढ़ की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि OBC आरक्षण वाले पदों पर तय सीमा से ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को सिर्फ मेरिट के आधार पर एडजस्ट करना कानून के खिलाफ है।
जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने भर्ती प्रक्रिया को “त्रुटिपूर्ण” बताते हुए राज्य सरकार को 90 दिन के भीतर पूरी मेरिट लिस्ट दोबारा तैयार करने का आदेश दिया है।
मामला 2019 की व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि OBC कोटे में 7% तय सीमा से ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को शामिल कर लिया गया, जिससे सामान्य OBC उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ।
सरकार ने कोर्ट में कहा कि दिव्यांग उम्मीदवार मेरिट में ऊपर थे, इसलिए उन्हें मौका दिया गया। लेकिन हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ‘इंदिरा साहनी’ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण को उसी सामाजिक वर्ग के भीतर एडजस्ट करना जरूरी है।
अब भर्ती प्रक्रिया की पूरी लिस्ट फिर से जांची जाएगी, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिर जाग गई हैं।
