Chhattisgarh | 20,000 pages of challans in furniture scam, 10 accused
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजीव गांधी शिक्षा मिशन में फर्नीचर खरीदी से जुड़े कथित घोटाले में EOW और ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसियों ने 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों का चालान विशेष न्यायालय, अंबिकापुर में पेश किया है। जांच में सरकारी खजाने को 67.48 लाख रुपये से ज्यादा की आर्थिक क्षति होने की बात सामने आई है।
आपूर्ति से पहले ही बांट दिए चेक
मामला वर्ष 2010-11 का है। अविभाजित सरगुजा जिले के मिडिल स्कूलों में फर्नीचर खरीदी के लिए करीब 2.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर फर्नीचर की आपूर्ति और भौतिक सत्यापन से पहले ही फर्मों को भुगतान कर दिया गया।
जांच के मुताबिक, आठ फर्मों ने तय मात्रा से कम फर्नीचर दिया, जबकि दो फर्मों ने भुगतान लेने के बावजूद स्कूलों में आपूर्ति नहीं की। कथित फर्जी फर्म दर्शन फेब्रिकेशन के नाम पर भी 22.91 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है।
कमीशन देने का भी आरोप
विवेचना में संजय पटेल ने कथित तौर पर तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक एस.पी. पाण्डेय को 7 लाख रुपये कमीशन देने की बात कही। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।
चालान में तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय और संजय पटेल समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। एजेंसियों के अनुसार, मामले में दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और स्कूलों से जुड़े प्रमाणपत्रों को शामिल किया गया है।
अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
