केशकाल-विश्रामपुरी मार्ग पर उड़ रहा धूल का गुबार, निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल….

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केशकाल:- राष्ट्रीय राजमार्ग-30, केशकाल से भारतमाला को जोड़ने वाले केशकाल-विश्रामपुरी मुख्य मार्ग पर सड़क नवीनीकरण का कार्य जारी है। निर्माण कार्य के चलते मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को इन दिनों कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण की धीमी गति के कारण जगह-जगह धूल उड़ने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।

वर्तमान में मार्ग पर GSB वर्क किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर सड़क के बीच में GSB मटेरियल रखे जाने के कारण कुछ स्थानों पर छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों के लिए आवागमन का स्थान सीमित हो रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक निकलना पड़ रहा है। निर्माण स्थल पर पर्याप्त सांकेतिक बोर्ड और चेतावनी संकेतों की उपलब्धता को लेकर भी स्थानीय लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं।

मुख्य मार्ग होने से बढ़ी परेशानी-

केशकाल से विश्रामपुरी जाने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग आगे भारतमाला मार्ग और ओडिशा राज्य की ओर जाने वाले मार्गों से जुड़ता है। इस कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन, मालवाहक वाहन और यात्री बसों का आवागमन होता है। निर्माण कार्य के दौरान मार्ग संकरा होने से वाहनों की गति प्रभावित हो रही है और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन यात्रियों को निर्धारित समय पर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचना होता है, उनके लिए निर्माण कार्य के दौरान होने वाली देरी परेशानी का कारण बन सकती है।

धूल से राहगीर परेशान, पानी के छिड़काव की मांग-

निर्माण कार्य वाले हिस्से में वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल उड़ने की समस्या भी सामने आ रही है। इससे राहगीरों और आसपास से गुजरने वाले लोगों को असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके।

वन-वे व्यवस्था से सुगम हो सकता है आवागमन-

स्थानीय लोगों का सुझाव है कि GSB सहित अन्य निर्माण कार्य के दौरान यदि संभव हो तो एक समय में सड़क के एक हिस्से पर काम करते हुए दूसरे हिस्से से वाहनों का आवागमन जारी रखा जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार वन-वे व्यवस्था और पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाए जा सकते हैं। इससे निर्माण कार्य भी जारी रहेगा और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होने से बच सकती है।

पीडब्ल्यूडी की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल-

सड़क नवीनीकरण का कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग के अंतर्गत होने के कारण निर्माण स्थल पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की निगरानी को लेकर विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को निर्माण स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्धारित सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था का पालन हो रहा है या नहीं।

फिलहाल निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर धूल नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, संकेतक बोर्ड और निर्माण सामग्री के व्यवस्थित रखरखाव जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा करे, ताकि निर्माण कार्य के साथ आम राहगीरों की सुरक्षा और सुगम आवागमन भी सुनिश्चित हो सके।

देखिए वीडियो-

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