Balodabazar Violence Case | Amit Baghel gets bail from Supreme Court
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अगले तीन महीने तक रायपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
सह-आरोपियों को भी मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी अजय यादव और दिनेश वर्मा को भी जमानत प्रदान की है। सभी आरोपियों को अदालत की ओर से तय शर्तों का पालन करना होगा।
3 महीने तक रायपुर आने पर रोक
अदालत ने जमानत के साथ अहम शर्त लगाते हुए कहा कि अमित बघेल तीन महीने तक रायपुर जिले में प्रवेश नहीं करेंगे। इस अवधि में उन्हें जिले से बाहर रहना होगा।
पहले भी मिल चुकी है जमानत
इससे पहले रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित होने के बाद सिंधी समाज के आराध्य के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में भी अमित बघेल को जमानत मिल चुकी है। अब बलौदाबाजार हिंसा मामले में भी राहत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में एक सामाजिक मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषणों के बाद भीड़ उग्र हो गई और कलेक्टोरेट व एसपी कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की। इस दौरान कई सरकारी वाहन जलाए गए और पुलिसकर्मियों पर पथराव व हमला भी किया गया, जिसमें कई जवान घायल हुए थे।
