Padma Shri | “Doctor Bhaiya-Bhabhi” who provided free medical treatment in the forests of Bastar received the Padma Shri award.
रायपुर। बस्तर के जंगलों में सालों से चुपचाप लोगों की जिंदगी बचाने वाले “डॉक्टर भैया-भाभी” को आखिर देश का बड़ा सम्मान मिल गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ में सेवा दे रहे डॉक्टर दंपती डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले को पद्मश्री से सम्मानित किया।
महाराष्ट्र से आए इस दंपती ने 1990 में बस्तर की धरती को अपना घर बना लिया था। तब से लेकर आज तक ये दोनों आदिवासी इलाकों में मुफ्त इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक 1 लाख से ज्यादा मरीजों का फ्री में इलाज कर चुके हैं।
बस्तर के लोग इन्हें प्यार से “डॉक्टर भैया” और “भाभी” कहते हैं। दोनों पति-पत्नी सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर मेडिकल कैंप, महिलाओं में जागरूकता और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी लगातार काम कर रहे हैं।
डॉ. रामचंद्र गोडबोले का एक बयान अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा- “मेरे सामने बैठा हर आदिवासी मेरे लिए भगवान है।”
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने भी इस सम्मान को पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल बताया है।
