Chhattisgarh: Irregularities in paddy procurement will not be tolerated, strict action is being taken against the culprits.
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।
संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी श्री नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से श्री हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
