Raipur DJ Action | DJ seizure during exam time
रायपुर, 17 फरवरी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं, जबकि छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षाएं 20 फरवरी से प्रारंभ होंगी। परीक्षा अवधि को देखते हुए रायपुर पुलिस ने बिना अनुमति DJ संचालन पर सख्त कार्रवाई की है।
सेंट्रल जोन के गोलबाजार थाना क्षेत्र में 95 से 110 डेसिबल तक शोर दर्ज होने पर DJ वाहन और साउंड उपकरण जब्त किए गए। निर्धारित सीमा 50 डेसिबल है। कार्रवाई कोलाहल अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत की गई।
बिना अनुमति बज रहा था DJ
पुलिस के मुताबिक जांच में पाया गया कि धमतरी निवासी कुणाल बावले बिना अनुमति DJ संचालित कर रहा था। तेज आवाज के कारण क्षेत्र में शांति भंग होने की स्थिति बन रही थी। पुलिस ने वाहन और साउंड सिस्टम जब्त कर प्रकरण दर्ज किया है।
पहले ही दी गई थी चेतावनी
डीसीपी सेंट्रल जोन की अध्यक्षता में DJ, साउंड सिस्टम और टेंट संचालकों की बैठक लेकर साफ निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा अवधि में बिना अनुमति DJ नहीं बजाया जाएगा। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
सितंबर 2025 में बिलासपुर में DJ की तेज आवाज के दौरान मकान का छज्जा गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं बलरामपुर में DJ की तेज ध्वनि से एक युवक की सिर की नस फटने से मौत हुई थी। गणेश विसर्जन के दौरान 15 वर्षीय बच्चे की हार्ट अटैक से मौत का मामला भी सामने आया था।
50 डेसिबल से ज्यादा शोर खतरनाक
ईएनटी विशेषज्ञों के अनुसार 50 डेसिबल से अधिक ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लगातार तेज आवाज से सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है, मानसिक तनाव बढ़ता है और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
त्योहारों के दौरान 95 से 110 डेसिबल तक शोर रिकॉर्ड किया गया है, जो तय मानकों से दोगुना से भी अधिक है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की गाइडलाइन
सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी इलाकों में दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल की सीमा तय की है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित है (विशेष अनुमति छोड़कर)।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी 11 सितंबर 2024 को आदेश जारी कर वाहनों पर DJ बॉक्स बजाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दोबारा पकड़े जाने पर परमिट निरस्त करने तक की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा अवधि में विशेष निगरानी
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कोर्ट के 100 मीटर दायरे को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। परीक्षा अवधि में इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
