Chhattisgarh | There is sufficient stock of chemical fertilizers in the state, farmers are being encouraged to adopt nano fertilizers
रायपुर, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की किसी भी तरह की कमी न हो, इसके लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, नैनो खाद के उपयोग को बढ़ावा देने किसानों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत घटे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
कृषि विभाग के मुताबिक, प्रदेश के लिए निर्धारित 14.62 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद के मुकाबले अब तक 15.64 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है। इसमें से 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। चालू खरीफ सीजन में 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग के विरुद्ध अब तक 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरित हो चुका है।
इसी तरह, 5.30 लाख नैनो उर्वरक बोतलों का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बोतलें उपलब्ध कराई गई हैं। विभाग का कहना है कि नैनो खाद से पारंपरिक खाद पर निर्भरता घट रही है और आपूर्ति का संतुलन बना हुआ है।
नैनो खाद से लाभ
500 मि.ली. नैनो यूरिया की एक बोतल 45 किलो पारंपरिक यूरिया के बराबर प्रभाव देती है।
नैनो डीएपी से भी 4,628 मीट्रिक टन ठोस डीएपी की बचत हुई है।
लागत कम होती है, भंडारण और परिवहन पर खर्च घटता है और पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धान की एक एकड़ फसल के लिए 50 किलो ठोस डीएपी की बजाय सिर्फ 25 किलो ठोस डीएपी और आधा लीटर नैनो डीएपी पर्याप्त है। इसी कारण, कृषि चौपालों और विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत गांव-गांव में डेमो दिए जा रहे हैं और किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नैनो खाद पर किसानों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में किसान अपनी धान की फसल में इसका उपयोग करने लगे हैं। इससे प्रदेश में खाद आपूर्ति का दबाव कम हुआ है और खेती अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल दिशा में आगे बढ़ रही है।
