Chhattisgarh | झीरम नरसंहार ! नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग, आयोग को आवेदन

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Chhattisgarh | Jhiram massacre: Demand for narco test of leaders, application to commission

रायपुर/दिल्ली। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने झीरम नरसंहार वृहद जांच आयोग के चेयरमैन सतीश कुमार अग्निहोत्री और सदस्य गुलाम मिन्हाजुद्दीन को दिल्ली में लिखित आवेदन भेजा है। आवेदन में उन्होंने स्वयं सहित कई नेताओं के नार्को टेस्ट के लिए तत्काल समन जारी करने की मांग की है। आवेदन के साथ साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य सबूत भी संलग्न किए गए हैं।

आवेदन में शामिल नाम –

विकास तिवारी ने आवेदन में जिन नेताओं का नाम शामिल किया है, उनमें जेपी नड्डा, विष्णुदेव साय, डॉ. रमन सिंह, किरण देव, भूपेश बघेल, अमित जोगी, कवासी लखमा और ननकी राम कंवर शामिल हैं। उनका कहना है कि झीरम घाटी हत्याकांड का सच अब देश और छत्तीसगढ़ की जनता के सामने आना चाहिए।

झीरम घाटी हत्याकांड –

साल 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान 25 मई को सुकमा में रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला झीरम घाटी पहुंचा। काफिले पर हमला हुआ, जिसमें कई वरिष्ठ नेता शहीद हो गए। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए तत्कालीन भाजपा सरकार पर सुरक्षा में भारी लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इसे नक्सली हमला करार दिया।

जांच और कानूनी प्रक्रिया

2013 में एनआईए को जांच सौंपा गया।

2014-2015 में चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई।

राज्य सरकार ने न्यायिक आयोग गठित किया, लेकिन रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई।

2016 में सीबीआई जांच का नोटिफिकेशन आया, जिसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया।

2018 में कांग्रेस सरकार ने एसआईटी गठित किया, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण जांच रुकी रही।

2020 में नई एफआईआर दर्ज की गई।

2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की अपील खारिज कर राज्य पुलिस को जांच की राह खोल दी।

कांग्रेस का आरोप –

कांग्रेस का कहना है कि सरकार बदलने के बाद जांच की प्रक्रिया ठप हो गई और झीरम नरसंहार की सच्चाई अब भी दबाई जा रही है।

 

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