Chhattisgarh: HC reprimands state government for delay in investigation into PSC-2021 recruitment scam
बिलासपुर, 15 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) 2021 भर्ती घोटाले की सुनवाई मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से पूछा कि जांच में देरी क्यों हो रही है और उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति आदेश क्यों नहीं मिले। कोर्ट ने कहा कि PSC ने जिन लोगों को चुना था, वे आज भी डेडलॉक की स्थिति में हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जब परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया जा चुका है, तो जांच अब तक अधूरी क्यों है। सरकार की रिपोर्ट में विरोधाभास पर भी कोर्ट ने सवाल उठाए। रिपोर्ट में पहले 41 उम्मीदवारों के नाम थे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि केवल 17 की जांच चल रही है। कोर्ट ने पूछा कि बाकी 24 उम्मीदवारों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है।
राज्य सरकार ने बताया कि परीक्षा के अंतिम समय में पेपर लीक की घटना हुई थी। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है, तो परीक्षा प्रक्रिया पर पुनर्विचार होना चाहिए। लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक उम्मीदवारों को अनिश्चितता में रखना उचित नहीं है।
PSC-2021 भर्ती में गड़बड़ी को लेकर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने जनहित याचिका दायर की थी। इसके बाद मामला CBI जांच को सौंपा गया। हाईकोर्ट ने सभी संबंधित अपीलों को एक साथ सुनने के निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
