Chhattisgarh | Controversy over identity at Mahashivratri fair
दुर्ग, 17 फरवरी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महाशिवरात्रि मेले के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। देव बलौदा चरोदा स्थित 13वीं शताब्दी के शिव मंदिर परिसर में लगे मेले में मुस्लिम व्यापारियों से कथित तौर पर पहचान पूछकर दुकानें बंद करवाई गईं। इस दौरान बहस, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की के वीडियो भी सामने आए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार विवाद एक गुपचुप चाट ठेले से शुरू हुआ। ठेले पर ‘अजीत चाट भंडार’ और ‘जय माता दी’ लिखा था। ऑनलाइन भुगतान के दौरान क्यूआर कोड पर अलग नाम दिखाई देने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने पहचान छिपाकर व्यापार करने का आरोप लगाया। इसके बाद मेले में अन्य दुकानदारों से भी नाम पूछे गए।
मुस्लिम व्यापारियों को हटाने का आरोप
कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम दुकानदारों से दुकान समेटने और मेले से जाने के लिए कहा। मौके पर मौजूद व्यापारियों का आरोप है कि उनसे अभद्र भाषा में बात की गई। कुछ महिलाओं से खरीदा गया सामान भी वापस करवाए जाने की बात सामने आई है।
एक व्यापारी ने कहा कि वे 20-25 वर्षों से मेले में दुकान लगा रहे हैं और उनका मकसद केवल व्यापार करना है।
संगठन का पक्ष
विवाद से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि दुकानों को वास्तविक पहचान के साथ लगाया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ व्यापारी पहचान छिपाकर व्यापार कर रहे थे। साथ ही मंदिर परिसर के आसपास गैर-हिंदू व्यापारियों के लिए नियम बनाने की मांग भी की गई है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
घटना के दौरान पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर मौजूद थे। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
फिलहाल क्या स्थिति?
घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है।
