Chhattisgarh: Congress to hit the streets over MNREGA
रायपुर। कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक बुधवार को राजीव भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने की। इस दौरान केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और राज्यों पर बोझ डालने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया।
बैठक में फैसला लिया गया कि 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में VB-GRAM-G विधेयक के खिलाफ ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी और रोजगार के अधिकार को लेकर सड़क पर उतरेगी।
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार दुर्भावनावश मनरेगा का नाम बदलकर इसे धीरे-धीरे समाप्त करना चाहती है। यह देश के सबसे गरीब और वंचित वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि एआईसीसी के निर्देशानुसार 10 जनवरी को सभी जिलों में मनरेगा के मुद्दे पर प्रेस वार्ता की जाएगी, इसके बाद एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा। 26 जनवरी को ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे और आगे चलकर विधानसभा घेराव भी किया जाएगा। पूरा आंदोलन गांधीवादी तरीके से किया जाएगा।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करेगा। यह लड़ाई सीधे जनता के हक की है, इसलिए जनता कांग्रेस के साथ खड़ी होगी। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
10 जनवरी :
सभी जिलों में डीसीसी कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, अभियान का औपचारिक शुभारंभ
11 जनवरी :
जिला मुख्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर एक दिवसीय उपवास व प्रतीकात्मक विरोध
12 से 29 जनवरी :
ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल, जनसंपर्क अभियान, नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण
30 जनवरी :
वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
31 जनवरी से 6 फरवरी :
जिला कलेक्टर कार्यालयों के सामने धरना, ज्ञापन सौंपा जाएगा
7 से 15 फरवरी :
राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव, बड़े स्तर पर जनmobilisation
अभियान के समापन पर एआईसीसी द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
