April 6, 2025

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Chhattisgarh | अमित शाह ने बस्तर पंडुम से दिया नक्सलवाद पर बड़ा संदेश: ‘अब बस्तर भय नहीं, भविष्य का प्रतीक है’

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Chhattisgarh | Amit Shah gave a big message on Naxalism from Bastar Pandum: ‘Now Bastar is not a symbol of fear, it is a symbol of the future’

रायपुर/दंतेवाड़ा, 5 अप्रैल 2025। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज दंतेवाड़ा में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव को संबोधित करते हुए बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त और विकास की राह पर अग्रसर बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय नहीं, बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है, और मोदी सरकार मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

शाह ने कहा कि जिस स्थान पर पहले गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, अब वहां स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, और जहाँ सड़कें सपना थीं, अब वहां राजमार्ग बन रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर नक्सलवाद छोड़ चुके युवाओं को सराहा और कहा कि जिन गांवों से सभी नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें राज्य सरकार द्वारा ‘नक्सलवाद मुक्त गांव’ घोषित कर एक करोड़ रुपये की विकास राशि दी जाएगी।

बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मोदी सरकार अगले वर्ष इस महोत्सव को 12 श्रेणियों में आयोजित करेगी। इसमें देशभर से आदिवासी कलाकार भाग लेंगे और बस्तर की संस्कृति, कला, परंपरा और लोकधरोहर को वैश्विक मंच मिलेगा।

श्री शाह ने महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने जनजातीय समाज के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। अब बस्तर के लोग जिस प्रकार विकास की ओर बढ़ रहे हैं, वह उनके सपनों को साकार करने का प्रतीक है।

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 881 थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आना चाहेंगे, सरकार उन्हें संरक्षण देगी, लेकिन जो हिंसा की राह पर रहेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बल सख्ती से कार्रवाई करेंगे।

अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दिया जा रहा है, और देश के हर जिले के एक विशिष्ट उत्पाद को जीआई टैग दिलाकर उसे वैश्विक बाज़ार में पहुँचाने की योजना पर काम चल रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में स्थानीय आदिवासी मौजूद रहे। शाह ने बस्तरवासियों से निडर होकर विकास में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा, “अब बस्तर के बच्चे सिपाही नहीं, डॉक्टर, कलेक्टर और बैरिस्टर बनेंगे।”

 

 

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