नीरज उपाध्याय/केशकाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित केशकाल नगर क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या अब केवल असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण दोनों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन चुकी है। नगर के प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में मवेशी सड़क पर बैठे रहते हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई मवेशी वाहनों की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं, वहीं उन्हें बचाने की कोशिश में वाहन चालक भी हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठता नजर नहीं आ रहा है।
हमने मौके पर पहुंचकर नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित कांजी हाउस का जायजा लिया। वहां का दृश्य बेहद चिंताजनक मिला। परिसर में कई मवेशी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे, जबकि कई बीमारी और कमजोरी से तड़पते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर उपचार और समुचित देखभाल नहीं मिलने से कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। यदि यही स्थिति बनी रही तो और भी बेजुबान पशुओं की जान जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पंचायत में वर्तमान में दो-दो मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पदस्थ हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो राष्ट्रीय राजमार्ग और नगर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की प्रभावी व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही कांजी हाउस में रखे गए पशुओं की समुचित देखभाल हो रही है। इससे नगर पंचायत की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि नगर पंचायत की उदासीनता का खामियाजा एक ओर बेजुबान मवेशी भुगत रहे हैं, तो दूसरी ओर आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।
इस मामले में जिला प्रशासन के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। कोंडागांव कलेक्टर को स्वयं कांजी हाउस और नगर क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। साथ ही घायल और बीमार मवेशियों के उपचार, उनके लिए पर्याप्त चारे-पानी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नगर पंचायत केशकाल के प्रभारी सीएमओ देवेश चंदेले ने कहा कि नगर पंचायत द्वारा प्रतिदिन गश्ती वाहन के माध्यम से नगर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। साथ ही मवेशी पालकों से लगातार अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं को घर में रखें और उन्हें सड़क पर आवारा न छोड़ें, ताकि दुर्घटनाओं और इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नगर पंचायत इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। जैसे ही कहीं घायल मवेशियों की सूचना मिलती है, नगर पंचायत की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर उनका उपचार कराती है। उन्होंने कहा कि कांजी हाउस की बदहाल व्यवस्था का मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, जिस पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए जल्द ही वहां की व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाएगा।
