Chhattisgarh | Raipur’s infamous Navya Malik drug case now enters a new phase
रायपुर. रायपुर के चर्चित नव्या मलिक MDMA ड्रग केस में अब जांच और तेज होने वाली है। पुलिस ने इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए 5 सदस्यीय एसआईटी बना दी है, जिसमें एक एसीपी, दो इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल हैं।
अब फोकस सिर्फ ड्रग बरामदगी पर नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क, बड़े सप्लायर्स और अलग-अलग राज्यों तक फैले कनेक्शन पर रहेगा। दूसरी तरफ ईडी भी मनी ट्रेल और कथित अवैध लेन-देन की अलग जांच कर रही है।
इस केस की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई थी, जब रायपुर पुलिस ने MDMA के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद मुंबई से नव्या मलिक को हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह हाई-प्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों तक ड्रग पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा थी।
चार्जशीट में मोबाइल चैट, डिजिटल रिकॉर्ड और कई नाम सामने आने के बाद अब एसआईटी यह पता लगाएगी कि असली सप्लायर कौन हैं और नेटवर्क की कमान किसके हाथ में थी। बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फोरेंसिक जांच भी होगी।
जांच एजेंसियों के रडार पर अब पब, क्लब, प्राइवेट पार्टियां और कथित टेक्नो इवेंट भी हैं। साथ ही यह भी खंगाला जाएगा कि कहीं इस पूरे कारोबार को किसी प्रभावशाली व्यक्ति या बड़े कारोबारी का संरक्षण तो नहीं मिला था।
