नीरज उपाध्याय/केशकाल:- जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान उन्नत योजना’ का कार्यक्रम भारी अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण विवादों में घिर गया। किसानों के हित में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पहले स्थल परिवर्तन, फिर तकनीकी खामियों और बदहाल व्यवस्थाओं ने सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत केशकाल के सभा कक्ष में किया गया था, जहां बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही कुप्रबंधन की परतें खुलने लगीं। राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भाषण से पहले ठप हुई बिजली-
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के बाद मुख्यमंत्री के संबोधन का प्रसारण होना था, लेकिन उससे ठीक पहले बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अचानक अंधेरा छा जाने से सभा कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। ध्वनि व्यवस्था बंद हो गई और स्क्रीन पर प्रसारण रुक गया। मौके पर मौजूद किसानों ने सवाल उठाया कि जब यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री स्तर का था, तो बैकअप व्यवस्था क्यों दुरुस्त नहीं रखी गई? जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं की गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता गया।
नाराज जनप्रतिनिधि बीच कार्यक्रम से लौटे-
व्यवस्थाओं की बदहाली को लेकर भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी खुलकर नाराज दिखे। भाजपा नेता भूपेश चंद्राकर, वीरेंद्र बघेल, संतोष सिन्हा, अशोक नेताम और छेदु मंडावी सहित कई कार्यकर्ता और किसान बीच कार्यक्रम से ही उठकर रवाना हो गए। नेताओं का कहना था कि किसानों से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि यह किसानों के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है।
कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधि भुपेश चंद्राकर व वीरेंद्र बघेल ने कहा कि किसानों ने बैठने की अव्यवस्था, पेयजल की कमी और सूचना प्रबंधन में खामियों को लेकर किसान नाराज हुए हैं। न तो उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी गई और कार्यक्रम की तैयारी आधी-अधूरी थी। संबंधित अधिकारी- कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सरकार की छवि धूमिल हुई है। उनका कहना था कि यदि प्रशासनिक अमला गंभीरता से तैयारी करता, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान-
इस संबंध में नूपुर राशि पन्ना, कलेक्टर कोंडागांव, ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कार्यक्रम की अव्यवस्थाओं के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
