Chhattisgarh | बस्तर पंडुम में शाह का बड़ा संदेश

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Chhattisgarh | Shah’s big message in Bastar Pandum

रायपुर/बस्तर, 9 फरवरी 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर साफ संदेश दिया—बस्तर की पहचान बारूद नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति और विरासत है। उन्होंने कहा कि जो बस्तर कभी नक्सली हिंसा के कारण दहशत में रहता था, आज वही बस्तर अपनी कला, नृत्य और परंपराओं से देश-दुनिया का ध्यान खींच रहा है।

55 हजार आदिवासियों की भागीदारी

अमित शाह ने बताया कि इस बार बस्तर पंडुम में 12 विधाओं में 55 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सात जिलों, 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों से आई भागीदारी को उन्होंने नक्सल भय से मुक्ति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति केवल क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे भारत की धरोहर है।

“हथियार का जवाब हथियार से”

गृह मंत्री ने नक्सलवाद पर कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका सम्मानपूर्वक पुनर्वास करेगी। लेकिन जो हथियार उठाएंगे, स्कूल जलाएंगे और IED लगाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा हथियार का जवाब हथियार से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने आदिवासी समाज का कभी भला नहीं किया।

विकास और रोजगार का रोडमैप

शाह ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाने का लक्ष्य है। 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र और ऑटो गिग हब तैयार हो रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। 3500 करोड़ रुपये की रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इंद्रावती नदी पर नई सिंचाई योजना से 120 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि हर गांव में कनेक्टिविटी, पोस्ट ऑफिस और बैंक शाखाएं खोली जाएंगी। आदिवासी किसानों का धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा और प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त मिलेगा। पर्यटन के क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म, होम स्टे, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

जनजातीय सम्मान पर जोर

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि बस्तर की संस्कृति वैश्विक मंच तक पहुंचे। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित करना इसी सम्मान का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम के विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि तय समय सीमा में बस्तर नक्सलमुक्त होगा और विकास की नई तस्वीर पेश करेगा।

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