Chhattisgarh | शराब घोटाला केस सुप्रीम कोर्ट में 40+ याचिकाओं की सुनवाई टली

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Chhattisgarh | Hearing of 40+ petitions in the liquor scam case postponed in the Supreme Court

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने इस घोटाले से संबंधित 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई को 28 जनवरी तक स्थगित कर दिया है। इन याचिकाओं में आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर अगले बुधवार को सुनवाई करेगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने इस दौरान सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर राज्य सरकार और जांच एजेंसी को नोटिस जारी किया। सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव और ओएसडी रह चुकी हैं। उन्हें कोयला घोटाले में जमानत मिलने के बाद शराब घोटाला मामले में दोबारा गिरफ्तार किया गया था।

वकीलों ने रखी दलीलें

सौम्या चौरसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का मामला है और एजेंसियां एक ही आरोपों पर बार-बार गिरफ्तारी कर रही हैं। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि 2019 से अब तक आरोप और सबूत जस के तस हैं, नए तथ्य सामने नहीं आए हैं।

ED की याचिका पर क्या फैसला हुआ

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत को चुनौती देने वाली ED की अलग याचिका पर फिलहाल नोटिस जारी नहीं किया। कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर भी 28 जनवरी को सुनवाई होगी।

मंगलवार को कोर्ट में आरोपियों और जांच एजेंसियों की सभी याचिकाएं सूचीबद्ध थीं, जिसके बाद अदालत ने एक साथ तारीख बढ़ा दी।

 

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